
सवाई माधोपुर के कुश्तला में अमरूद प्रोसेसिंग यूनिट का उत्पादन शुरू हो गया है। राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में हुए MOU धरातल पर उतरने लगे हैं और इससे किसानों को बेहतर मूल्य, रोजगार और कृषि आधारित उद्योगों को नई गति मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
कुश्तला में यूनिट शुरू, जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित
सवाई माधोपुर में राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में साइन हुए MOU अब परिणाम देने लगे हैं। जिले के कुश्तला स्थित अमरूद प्रोसेसिंग यूनिट से उत्पादन शुरू होने पर जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जिला कलेक्टर कानाराम मुख्य अतिथि रहे।
कलेक्टर बोले- कृषि-आर्थिकी को नए अवसर मिलेंगे
कलेक्टर कानाराम ने उत्पादन शुरू होने पर खुशी जताते हुए कहा कि यह सिर्फ उद्योग का शुभारंभ नहीं, बल्कि जिले की कृषि-आर्थिकी में बदलाव की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किए गए MOU को जमीन पर उतारने की यह महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
किसानों की आय और मूल्य में बड़ा फायदा
कलेक्टर ने कहा कि यूनिट से किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा, आय बढ़ेगी, रोजगार सृजित होगा और कृषि आधारित उद्योगों का विस्तार होगा।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पारंपरिक खेती के साथ प्रोसेसिंग बेस्ड मार्केट के अवसरों का फायदा उठाएं और गुणवत्ता पर ध्यान दें।
सरकार दे रही अनुकूल माहौल और प्रोत्साहन
कलेक्टर के अनुसार राज्य सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नीति आधारित प्रोत्साहन, सुविधाएं और अनुकूल वातावरण उपलब्ध करा रही है।
ऐसे निवेश और स्थानीय उद्यमी समूहों की भागीदारी से जिले में औद्योगिक विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी।
जूस, पल्प से लेकर जैली तक- यहां बनेंगे कई उत्पाद
यूनिट प्रतिनिधियों ने बताया कि इकाई में अमरूद से जूस, पल्प, जैली, मुरब्बा आदि उत्पाद तैयार किए जाएंगे। इनकी सेल राष्ट्रीय स्तर पर की जाएगी, जिससे किसानों की उपज को सही बाजार मिलेगा और लागत तुलना में मुनाफा बढ़ेगा।
बड़ी भागीदारी, बड़ा संदेश- कृषि और उद्योग का संगम
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, उद्योगपति, तकनीकी विशेषज्ञ और किसान शामिल हुए। इससे उद्योग-कृषि सहयोग की नई दिशा मजबूत होती दिखाई दी।
यूनिट के शुरू होने के बाद सवाई माधोपुर कृषि-उद्योग के उभरते केंद्र के रूप में आगे बढ़ रहा है।
आगे और निवेश की संभावना, विकास में तेज बढ़ोतरी
अधिकारियों और उद्यमियों का मानना है कि आने वाले समय में जिले में इसी तरह की और इकाइयां लग सकती हैं, जिससे क्षेत्र के आर्थिक विकास को और गति मिलेगी।


























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