पर्याप्त आपूर्ति के दावों के बीच दो बोरी खाद के लिए धक्के खाते किसान
मलारना डूंगर/मलारना स्टेशन।
एक ओर रबी सीजन के लिए यूरिया खाद की पर्याप्त आपूर्ति के सरकारी दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर किसानों को खाद के लिए घंटों लाइन में लगकर भी खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। सोमवार को मलारना स्टेशन कस्बे में ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां दर्जनों किसान सिर्फ दो कट्टे खाद के लिए पुलिस चौकी के बाहर लंबी कतारों में खड़े रहे, लेकिन उन्हें खाद नहीं मिल सका।
स्थानीय किसानों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार खाद की किल्लत बनी हुई है और रोजाना किसानों की लंबी लाइनें आम बात हो गई हैं।
क्या है मामला?
जानकारी के अनुसार मकसूदनपुरा सहकारी समिति के अंतर्गत
मकसूदनपुरा,एबरा व श्यामोली ग्राम पंचायतों के लिए तीन ट्रकों में यूरिया खाद आया था।
व्यवस्थापक शंकर लाल गुर्जर के अनुसार:
दो ट्रकों का वितरण दो दिन पूर्व कर दिया गया।तीसरे ट्रक का वितरण सोमवार को मलारना स्टेशन गोदाम से एबरा व श्यामोली के किसानों को किया जाना था।
जैसे ही किसान गोदाम पहुंचे, भारी भीड़ इकट्ठी हो गई। इसी दौरान अन्य ग्राम पंचायतों के किसान भी खाद की मांग करते हुए पहुंच गए, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
भीड़ बढ़ी, टोकन व्यवस्था हुई बंद
व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस चौकी से टोकन बांटे जाने लगे, लेकिन अत्यधिक भीड़ होने से पुलिस की मौजूदगी में भी हालात अनियंत्रित हो गए और टोकन वितरण रोकना पड़ा। बाद में पुलिस ने भीड़ को हटाया।
किसानों में नाराज़गी
मलारना स्टेशन निवासी राकेश गुर्जर ने बताया कि “चकबिलोली के किसानों को भी खाद की सख़्त जरूरत है, लेकिन गोदाम यहीं होने के बावजूद इन्हें खाद नहीं दिया जा रहा। इससे किसानों में रोष बढ़ रहा है।”
इस पर व्यवस्थापक का कहना है कि चकबिलोली के किसानों का वितरण क्षेत्र सहकारी समिति बिच्छीदोना आता है, इसलिए खाद वहीं से दी जाएगी।
पुलिस का पक्ष“
खाद वितरण के दौरान भीड़ बढ़ने लगी थी। स्थिति बिगड़ती देख टोकन व्यवस्था बंद करनी पड़ी और वितरण रोकना पड़ा।”— कमलेश शर्मा, एएसआई, पुलिस थाना मलारना डूंगर
















































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