मलारना डूंगर। सवाईमाधोपुर जिले के किसानों की लाइफलाइन मोरेल बांध से शुक्रवार को फसल सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जाएगा। इससे जहां किसानों में खुशी है वहीं सफाई के अभाव में नहर छलकी तो फसल डूबने की आशंका भी सता रही है। हालांकि विभागीय अधिकारियों का दावा है कि नहर में पानी आने से पहले सफाई करवा दी जाएगी। मौके पर जेसीबी मशीन से सफाई करवाई जा रही है।
बतादें की दौसा जिले की सीमा बने 32 फीट भराव क्षमता वाले मोरेल बांध की मुख्य नहर से सवाईमाधोपुर जिले की बोंली व मलारना डूंगर तहसील की हजारों बीघा भूमि सिंचित होती है। इसी तरह पूर्वी नहर से दौसा जिले की लालसोट व सवाईमाधोपुर जिले की बरनाला तहसील की भूमि सिंचित होती है।
एक दिन सम्भागीय आयुक्त डॉ. टीना सोनी की अध्यक्षता में हुई थी जल वितरण समिति की बैठक
रबी फसल सिंचाई के लिए मोरेल बांध के सिंचित क्षेत्र में सुव्यवस्थित जल वितरण के लिए बुधवार को सम्भागीय आयुक्त भरतपुर डॉ. टीना सोनी की अध्यक्षता में जल वितरण समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में हुई थी।
समिति सदस्यों और काश्तकारों से चर्चा के बाद सर्वसम्मति से 21 नवम्बर को सुबह 11 बजे मोरेल बांध नहर से जलवितरण का निर्णय किया गया था।
बैठक में जिला कलक्टर काना राम, जिला कलक्टर दौसा देवेन्द्र कुमार, डीएसपी उदय सिंह मीणा, अधीक्षण अभियंता जल संसाधन वृत जयपुर रमाशंकर शर्मा, अधिशाषी अभियंता जल संसाधन खण्ड सवाई माधोपुर अरूण शर्मा, अधिशाषी अभियंता जल संसाधन खण्ड दौसा मांगीलाल मीना, किसान सभा जिलाध्यक्ष कानजी मीणा, पूर्व सरपंच मुकेश मीणा, चिरंजी मीणा, शयोराम मीणा सहित संबंधित विभागीय अधिकारी, जल वितरण समिति के सदस्य मौजूद थे।
किसानों का आरोप नहर सफाई में खानापूर्ति
उधर जलवितरण से एक दिन पूर्व गुरुवार को जलसंसाधन विभाग के अधिकारी नहर सफाई के लिए जेसीबी मशीन लेकर पहुंचे। जहां तारनपुर से बड़ा गांव की ओर जाने वाले माइनर नहर के पास सफाई की खानापूर्ति कर मशीन आगे निकल गए। इस पर किसानों ने विरोध किया तो कनिष्ठ अभियंता विनोद कुमार फिर से मशीन लेकर पहुंचे। तारनपुर निवासी किसान राजेश मीना ने बताया कि जलवितरण से एक दिन पूर्व सफाई कर खानापूर्ति की जा रही है। मुख्य नहर कई जगह क्षतिग्रस्त है। बीच में बबूल के पेड़ खड़े हैं। इन से जल बहाव में रुकावट के साथ पानी छलकने की आशंका है। पानी छलकने पर किसानों की फसल डूब सकती है। इस संबंध में किसान पूर्व में ही मलारना डूंगर तहसीलदार को लिखित शिकायत कर चुके हैं। किसानों का कहना है कि बैठक में संभागीय आयुक्त ने नहरों के संचालन में बाधा उत्पन्न करने या नहरों को क्षतिग्रस्त करने का कार्य करने वाले असामाजिक तत्वों के विरूद्ध सख्त कानूनी कार्यवाही करने की बात कही थी। ऐसे में विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से नहर ओवरफ्लो हुई तो सरकारी कार्मिकों पर भी क्या कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह बोले अधिकारी
जलसंसाधन विभाग मलारना चौड़ कनिष्ठ अभियंता विनोद कुमार मीना ने मूमन पत्रिका से बात करते हुए कहा कि सफाई करवा रहे हैं। किसान मौके पर मौजूद है। पानी आने से पहले सफाई कर दी जाएगी। नहर में पानी छोड़ने से महज एक दिन पूर्व सफाई करने के सवाल पर कहा कि टैंडर नहीं हुए हैं। इस लिए विभागीय स्तर पर ही मशीन से सफाई करवा रहे हैं।
























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