
कोटा। कोहरे के दौरान सुरक्षित एवं सुचारू ट्रेन संचालन को प्राथमिकता देते हुए कोटा मंडल में सभी प्रमुख ट्रेनों में फॉग सेफ्टी डिवाइस (एफएसडी) का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। इस आधुनिक तकनीक ने ट्रेन सेवाओं की विश्वसनीयता में उल्लेखनीय सुधार किया है, विलंब की संभावनाओं को कम किया है और समग्र यात्री सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाया है।
- वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ जैन ने बताया कि कोटा मंडल में कुल 455 फॉग सेफ्टी डिवाइस स्थापित किए गए हैं और इनका शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है। यह सुविधा विशेष रूप से शीतकालीन मौसम में घने कोहरे के दौरान रेल सेवाओं को सुचारू बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।फॉग सेफ्टी डिवाइस एक जीपीएस आधारित नेविगेशन प्रणाली है, जो लोको पायलट को ट्रैक पर आगे आने वाले सिग्नलों, लेवल क्रॉसिंग (मानवयुक्त एवं मानव रहित), स्थायी गति प्रतिबंध, तटस्थ खंड आदि की अगली स्थितियों की रियल टाइम जानकारी उपलब्ध कराती है। डिवाइस लगभग 500 मीटर पूर्व से आगामी तीन निश्चित स्थलों की पूर्व सूचना वॉइस एवं विजुअल अलर्ट के माध्यम से प्रदान करता है, जिससे लोको पायलट को कोहरे में भी ट्रेनों का संचालन नियंत्रित एवं सुरक्षित रूप से करने में सहायता मिलती है।
फॉग सेफ्टी डिवाइस की प्रमुख विशेषताएँ:
1)सभी प्रकार के अनुभागों—सिंगल लाइन, डबल लाइन, विद्युतीकृत एवं गैर विद्युतीकृत—में उपयोगी।
2)सभी प्रकार के इलेक्ट्रिक इंजनों, ईएमयू/एमईएमयू/डीईएमयू के साथ पूर्णतः संगत।
3)गति -160 किमी प्रति घंटे तक की गति के लिए सक्षम।
4 ) 18 घंटे की बिल्ट-इन रिचार्जेबल बैटरी बैकअप।
5)पोर्टेबल, हल्का (1.5 किग्रा से कम), मजबूत तथा कॉम्पैक्ट।
6)लोकोमोटिव के कैब में सुगमता से स्थापित करने योग्य।
7)पूर्णतः स्टैंडअलोन प्रणाली।
8)कोहरा, वर्षा एवं धूप से अप्रभावित।
फॉग सेफ्टी डिवाइस का उपयोग कोटा मंडल में यात्री सुरक्षा एवं सुरक्षित ट्रेन संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण तकनीकी उन्नयन साबित हो रहा है। यह प्रणाली रेल सेवाओं की विश्वसनीयता बढ़ाने, कोहरे आधारित व्यवधानों को कम करने और सुरक्षा मानकों को और अधिक मजबूत करने में लगातार सहायक बनी हुई है।


























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