
बारां।“DPDP एक्ट ने जनता की सूचना तक सरकार की पकड़ और मज़बूत कर दी है, जबकि सरकार की पारदर्शिता घटा दी है। जब सत्ता खुद को छिपाने लगे, तब जवाबदेही कानून जनता की ढाल बन जाता है। बच्चों की सुरक्षा, पेंशन, मनरेगा—हर सेवा तभी चलेगी जब अधिकारी जवाब देंगे।”*कोमल वर्मा
“जवाबदेही की मांग 16 साल पुरानी है। हम और 16 साल चलेंगे, लेकिन यह कानून लेके ही रुकेंगे। सरकार और अधिकारी जनता के प्रति जवाबदेह बनें—यही लोकतंत्र की बुनियाद है।”जवाबदेही कानून व पिछली सरकार के तीन जन-उपयोगी कानूनों— न्यूनतम आय गारंटी, स्वास्थ्य का अधिकार, और गिग वर्कर कानून —को लागू करने की जोरदार मांग उठी।
जवाबदेही कानून सुनिश्चित करेगा कि:
* अधिकारी से पूछा जाए कि सेवा क्यों बंद है,
* तय समय में समस्या हल किया जाए,
* और कोई भी नागरिक तकनीकी बहानों के पीछे न फँसे।
आज बारां जिले में जिला कलेक्टर महोदय को राजस्थान मुख्यमंत्री महोदय के नाम सूचना एवं रोजगार अधिकार अभियान के कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन दिया। कोमल, चंद्रों बाई, रामनिवास,जितेंद्र, मुकेश, जमना,भूपेंद्र सहित साथी रहे मौजूद।कोटा संभाग में कोटा जिले में 21 नवम्बर को जवाबदेही यात्रा एवं सूचना एवं रोजगार अधिकार अभियान द्वारा प्रेस वार्ता का कार्यक्रम और घरेलू कामगार महिला,वनाधिकार,जन कल्याण के मुद्दों पर जनसंवाद रहेगा।



























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