होम देश राजनीति अपराध खेल धर्म मनोरंजन विश्व व्यापार शिक्षा स्वास्थ्य राज्य राजस्थान जैसलमेर जलोर जयपुर चूरू चित्तौड़गढ़ कोटा करौली उदयपुर अलवर अजमेर प्रतापगढ़ पाली नागौर धौलपुर दौसा डूंगरपुर टोंक झुंझुनू जोधपुर हनुमानगढ़ सीकर सिरोही सवाई माधोपुर श्री गंगानगर राजसमंद भीलवाड़ा भरतपुर बूंदी बीकानेर बांसवाड़ा बारां बाड़मेर

सच का आईना

Advertisement

हमें अपने समुदाय से बाहर निकलकर संवाद स्थापित करने की आवश्यकता : सआदतुल्लाह हुसैनी, राष्ट्रीय अध्यक्ष 

मांगरोल।जमाअत-ए-इस्लामी हिंद के दिल्ली स्थित राष्ट्रीय मुख्यालय में दो दिवसीय “क़सस 2.0 मीडिया मास्टरी बूटकैंप” विषय पर आयोजित कार्यशाला के समापन सत्र में जमाअत के अध्यक्ष सैयद सआदतुल्लाह हुसैनी ने मीडिया कर्मियों से अपनी सोच और जुड़ाव को बड़ा करने की अपील की। यह कार्यशाला विशेष रूप से जमाअत से जुड़े मीडिया कर्मियों के लिए आयोजित किया गया था। उन्होंने अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में इस बात पर ज़ोर दिया कि “मीडिया प्रोफेशनल्स को अपने समुदाय से बाहर निकलकर सक्रीय रूप से विभिन्न समुदायों के बीच ऐसे संवाद स्थापित करने की ज़रुरत है जो मुसलमानों को बड़े समाज से जोड़े।”

उन्होंने युवा पीढ़ी को आगे बढ़ाने और उन्हें गाइड करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया, यह देखते हुए कि युवा स्वाभाविक रूप से तकनिकी तौर पर ज़्यादह सहज होते हैं और Gen Z की परिभाषा से बखूबी परिचित हैं । उन्होंने कहा, “हमें डिजिटल और सोशल मीडिया स्पेस में उन्हें उनकी भूमिका के लिए तैयार करना होगा।” प्रोफेशनल रिश्ते बनाने और आपसी समझ को बढ़ावा देने के लिए पत्रकारों, संवाददाताओं और एडिटरों से मिलकर बड़ी मीडिया पर्सन्स के साथ रेगुलर नेटवर्किंग के महत्व पर भी उन्होंने ज़ोर दिया।

जमाअत-ए-इस्लामी हिंद के केंद्रीय मीडिया विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में पत्रकारों, जानकारों, स्टूडेंट्स, मीडिया प्रोफेशनल्स और जमाअत के स्टेट चैप्टर्स के मीडिया प्रमुखों को गहन प्रशिक्षण सत्र, चर्चा और फील्ड विज़िट के लिए बुलाया गया था। कार्यशाला में लेक्चर, बड़े मीडिया संस्थानों के फील्ड विज़िट और जनमत, लोकतंत्र के लिए आशंकाएं और मीडिया-कम्युनिटी संबंधों पर पैनल डिस्कशन जैसे सत्र शामिल थे।

वरिष्ठ पत्रकारों जैसे : रशीद किदवई, ज़िया-उस-सलाम, आदित्य मेनन एवं कई अन्य ने प्रभावी मीडिया कम्युनिकेशन, मीडिया और कम्युनिटीज के बीच की दूरी को कम करने और न्यूज़रूम के क्रियाशीलता को समझने पर प्रकाश डाला। मीडिया स्ट्रेटेजी, संस्थागत विकास, AI-जनित सामग्री और सोशल मीडिया जुड़ाव के अलग-अलग पहलुओं पर भी चर्चा हुई। कार्यशाला एक ओपन सेशन और इंटरैक्टिव चर्चा के साथ समाप्त हुआ, जिससे प्रतिभागियों को अपने विचार और अनुभव साझा करने का अवसर मिला।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *