चौथ का बरवाड़ा। सवाई माधोपुर जिले की चौथ का बरवाड़ा तहसील और टोंक जिले की अलीगढ़ तहसील को जोड़ने वाली संपर्क सड़क इन दिनों अपनी बदहाली की कहानी खुद बयां कर रही है। सालों से क्षतिग्रस्त इस सड़क की मरम्मत को लेकर विभागीय उदासीनता अब ग्रामीणों की परेशानी का बड़ा कारण बन चुकी है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे होने लगे हैं, डामर पूरी तरह उखड़ चुका है और बारिश के दिनों में हालात और भी बिगड़ जाते हैं। रोजमर्रा सफर करने वाले वाहन चालक और राहगीर इससे भारी दिक्कतों का सामना कर रहे हैं।
स्थानीय हेमराज मीणा, पप्पू मीणा, आदि ने बताया कि सड़क की स्थिति पिछले कई सालों से लगातार खराब होती चली गई, लेकिन सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। नतीजा यह है कि सड़क पर आवागमन जोखिम भरा बन गया है। कई जगह बने बड़े-बड़े गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालक आए दिन फिसलकर गिर जाते हैं, जबकि चार पहिया वाहन चालकों को सड़क पार करने में काफ़ी मशक्कत करनी पड़ती है। ग्रामीणों के अनुसार, यह सड़क दो जिलों की तहसीलों को जोड़ने के कारण अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन विभागीय लापरवाही से इसका महत्व नजरअंदाज हो रहा है।
चौथ का बरवाड़ा से अलीगढ़ को जोड़ने वाली यह सड़क व्यापार, कृषि और शिक्षा के लिहाज से भी अहम मानी जाती है। इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों किसान अपनी उपज को बाजार तक पहुंचाते हैं, वहीं छात्र-छात्राएं भी इसी सड़क से होकर अपने विद्यालयों तक आते-जाते हैं। खराब सड़क के कारण आवागमन में देरी होती है और कई बार मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी बाधाएं आती हैं।
क्षेत्रवासियों ने नई सड़क निर्माण की मांग को लेकर कई बार विभाग के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से संपर्क किया, लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक कदम सामने नहीं आया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क का निर्माण कार्य जल्द शुरू नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में हादसों का खतरा और बढ़ सकता है। ग्रामीणों ने सरकार और संबंधित विभाग से जल्द से जल्द नई सड़क बनाने या क्षतिग्रस्त मार्ग की पूर्ण मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि दो जिलों की इस महत्वपूर्ण सड़क पर सुगम आवागमन बहाल हो सके।
















































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