
बच्चों की सुरक्षा हेतु चला बाल-वाहिनियों का चैकिंग अभियान
धौलपुर। सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली एवं राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर द्वारा बच्चों की सुरक्षा हेतु बाल-वाहिनियों के संबंध में दिशा-निर्देशों जारी किये गये है। उक्त निर्देशों केअनुक्रम में संपूर्ण प्रदेश में बाल-वाहिनियों के निरीक्षण का सघन अभियान चलाया जा रहा है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव धौलपुर रेखा यादव द्वारा बताया गया कि बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं और शिक्षा अर्जन हेतु वे अपने घर से विद्यालय आने-जाने हेतु बस, मिनी बस, वैन, ऑटो एवं रिक्शा इत्यादि बाल-वाहिनियों का उपयोग करते हैं। स्कूली बच्चे सुरक्षित यात्रा कर सके, उन आदेशों की पालना में केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, नई दिल्ली के द्वारा भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं, किन्तु इसके बावजूद भी उदासीनता के कारण इन आदेशों और दिशा-निर्देशों का पालन यथावत रूप से नहीं हो रहा है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण धौलपुर द्वारा समय-समय पर बाल-वाहिनियों के संबंध में जारी दिशा-निर्देशों की पालना किये जाने हेतु जिला प्रशासन,पुलिस विभाग,परिवहन विभाग एवं शिक्षा विभाग को पत्र जारी कर पालना सुनिश्चित कराये जाने हेतु निर्देशित किया गया है। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण धौलपुर द्वारा स्वयं भी बाल-वाहिनियों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान जाकर पालना किये जाने हेतु समझाईस की जा रही है। साथ ही मीडिया के माध्यम से बच्चों के अभिभावकों से भी अपील की जा रही है।
शहर में विभिन्न स्थानों पर बाल-वाहिनियों का चैकिंग अभियान चलाया गया। चैकिंग के दौरान कई स्कूल की बस और वैन ओवरलोडिंग, निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने, फिटनेस प्रमाण पत्र की कमी, फर्स्ट-एड बॉक्स न होने तथा सुरक्षा मानकों का पालन न करने की स्थिति में पाई गईं, मौके पर ही संबंधित चालकों के चालान भी बनाए गए और विद्यालय प्रबंधन को सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी वाहन नियमित रूप से मेंटेनेंस कराएं, ड्राइवरों का वेरिफिकेशन सुनिश्चित हो तथा परिचालकों को सुरक्षा मानकों का विशेष प्रशिक्षण दिया जाए। टीम ने बताया कि ऐसे निरीक्षण समय-समय पर जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

















































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