
बारां/भंवरगढ़। क्षेत्र के बिलासगढ़ के ग्रामीणों ने नाहरगढ़ रेंज स्थित जलवाड़ा नाका के अंतर्गत आने वाले वन क्षेत्र ऊंट तलाई एवं ढिकोनिया रोड के पास फिर से अतिक्रमण के मामले को लेकर जिला उप वन संरक्षक को ज्ञापन देकर कार्यवाही की मांग की है । ग्रामीणों ने बताया कि यह वही वन भूमि है, जिसे वन विभाग ने 12 अक्टूबर 2025 को अतिक्रमण मुक्त कराया था। किन्तु
ग्रामीणों के अनुसार अतिक्रमियों ने दोबारा वन भूमि पर गहरे गड्ढों को समतल कर गेहूं की बुवाई कर ली है। इतना ही नहीं, बिलासगढ़ गांव से 11 केवी लाइन का तार खींचकर वन क्षेत्र में अवैध ट्रांसफॉर्मर भी लगाया जा रहा है, ताकि फसल में पानी उपलब्ध कराया जा सके।
ग्रामीणों ने बताया कि 11 केवी हाई-वोल्टेज लाइन जंगल से होकर गुजर रही है, जिससे वहां आने-जाने वाले मवेशियों तथा राहगीरों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है। करंट लगने की आशंका से लोग दहशत में हैं।
इसी विषय को लेकर शुक्रवार को ग्रामीण बड़ी संख्या में एकत्रित हुए और जिला उपवन संरक्षक बडे विवेकानंद मणिक राव को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि वन विभाग की लाचार प्रणाली और उदासीनता के चलते वन भूमि पर दोबारा अतिक्रमण हो गया है, जिससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा वन क्षेत्र को सुरक्षित किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसे प्रयास दोबारा न हो सकें।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो वन क्षेत्र, पर्यावरण और जैव-विविधता को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। और ग्रामीणों ने वन भूमि पर प्लांटेशन लगाने की भी मांग की है। जिससे वन भूमि को अतिक्रमण कार्यों से बचाया जा सकता है।

















































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