
बारां।बारां जिले में यूरिया खाद अतिषीघ्र उपलब्ध करवाए जाने की मांग को लेकर अन्ता विधायक प्रमोद जैन भाया के नेतृत्व में जिला कांग्रेस कमेटी बारां द्वारा चम्बल फर्टिलाइजर एण्ड केमिकल्स फेक्ट्री, गढेपान जिला कोटा के बाहर सैकड़ों कांग्रेसजनों की उपस्थिति में धरना दिया गया। धरने में विधायक अन्ता प्रमोद जैन भाया, पीसीसी सचिव हंसराज मीणा उदपुरिया, पूर्व विधायक अटरू पानाचन्द मेघवाल, पूर्व विधायक छबडा करणसिंह राठौड, किषनगंज की पूर्व विधायक श्रीमती निर्मला सहरिया, आदि ने भी सम्बोधित किया। धरने के दौरान सैकडों की संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता एवं किसान भाई उपस्थित रहे।कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामचरण मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि बारां जिले के लिए 22,500 मीट्रिक टन यूरिया उर्वरक के तत्काल आवंटन और आपूर्ति हेतु महाप्रबन्धक सीएफसीएल गढेपान एवं राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम जिला कलक्टर बारां को ज्ञापन पत्र सौंपा गया। ज्ञापन में बताया गया कि प्रमोद जैन भाया के नेतृत्व में जिला कांग्रेस कमेटी बारां के बैनर तले बारां जिलेे के कांग्रेसजनों द्वारा 26 सितम्बर 2025 तथा 17 नवम्बर 2025 को जिला कलक्टर कार्यालय, बारां पर धरना दिया गया था जिसमें बारां जिले के किसान भाईयों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध करवाए जाने की मांग की गई थी। इसके पष्चात दिनांक 25 नवम्बर 2025 को राज्य के मुख्यमंत्री को बारां जिले के किसान भाईयों के लिए आवंटित यूरिया खाद के कोटे अनुसार समुचित मात्रा में खाद नवम्बर 2025 माह के अन्त तक उपलब्ध करवाए जाने की मांग की गई थी, लेकिन इन सबके बावजूद अभी भी बारां जिले के किसान भाईयों के लिए माह नवम्बर 2025 के आवंटित कोटे अनुसार 4000 मेट्रिक टन यूरिया खाद कम प्राप्त हुआ है, जिसके कारण किसान भाईयों को परेषानी का सामना करना पड़ रहा है।धरने को सम्बोधित करते हुए विधायक अन्ता प्रमोद जैन भाया ने कहा कि बारां जिले की सीमा पर ग्राम गढेपान में चम्बल फर्टिलाइजर्स केमिकल्स लिमिटेड फेक्ट्री खाद बनाने का कार्य करती है। इस फेक्ट्री से निकलने वाले केमिकलयुक्त प्रदूषित पानी एवं चिमनी से निकलने वाली दूषित हवा से बारां जिलेवासियों को भी काफी नुकसान उठाना पड़ता है। इसका दूषित पानी बारां जिले की कालीसिन्ध नदी में आकर मिलता है तथा इसकी दूषित हवा बारां जिले की तरफ भी पहुंचती है जिसके कारण बारां जिलेवासियों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। यूरिया खाद की सम्पूर्ण भारत में यह सबसे बड़ी फेक्ट्री है और इस फेक्ट्री के होने का नुकसान बारां जिलेवासियों को भुगतना पड रहा है। इसके बावजूद इस फेक्ट्री से हाडौती संभाग के बारां, कोटा, झालावाड़ एवं बून्दी जिले के किसानों को पर्याप्त मात्रा में यूरिया खाद उपलब्ध नही करवाया जाता है। आपकी फैक्ट्री से उत्पादित खाद की आपूर्ति राजस्थान के अन्य जिलों सहित पूरे देष में की जा रही है और स्वयं बारां जिला तथा हाडौती संभाग के 3 अन्य जिलें भी अपनी मांग के अनुसार खाद की आपूर्ति आप द्वारा नही की जा रही है। यह न्याय के सिद्वान्त का खुला उल्लघंन है, इस फेक्ट्री से होने वाले नुकसान का खामियाजा तो बारां जिला भुगते परन्तु बारां जिले के किसानों को उनकी आवष्यकता के अनुसार खाद की आपूर्ति भी आप नही करें यह व्यवस्था अब बारां जिले का किसान सहन नही करेगा।पूर्व विधायक पानाचन्द मेघवाल ने अपने सम्बोधन में कहा कि वर्तमान में बारां जिले के किसान भाईयों को यूरिया खाद को लेकर भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। बारां शहर में अटरू रोड स्थित क्रय-विक्रय सहकारी समिति के गोदाम पर किसानों द्वारा चक्काजाम करना पड़ा। वही छीपाबडौद उपखण्ड में किसानों द्वारा यूरिया खाद नही मिलने पर उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। किसानों तथा उनके परिवारजनों को रात-रात भर यूरिया खाद के लिए लाईनों में लगना पड़ रहा है इसके बावजूद उन्हें खाद उपलब्ध नही हो पा रहा है। वर्तमान में बारां जिले को आवंटित यूरिया खाद में से अभी भी 4000 मेट्रिक टन खाद की आपूर्ति बकाया है। बारां जिले को दिसंबर माह के लिए आधिकारिक आवंटन 18,500 मीट्रिक टन है। इस प्रकार नवम्बर माह के शेष रहे 4000 मेट्रिक टन एवं दिसम्बर माह का आवंटन 18500 मेट्रिक टन कुल 22500 मेट्रिक टन यूरिया खाद की बारंा जिले को आवष्यकता है।पूर्व विधायक करणसिंह राठौड ने कहा कि वर्तमान में स्थिति अत्यन्त विकट है। चूंकि किसानों द्वारा अपने खेतों में एक साथ सिंचाई की जा रही है जिसके कारण यूरिया उर्वरक की मांग तत्काल और सामूहिक है। यूरिया की उपलब्धता में किसी भी देरी से फसल की पैदावार सीधे प्रभावित होगी, जिससे किसानों को भारी नुकसान होगा। कांग्रेस पार्टी द्वारा पूर्व में किए गए प्रयासों से खाद का आवंटन तो किया गया है परन्तु जितना आवंटन था उसकी तुलना में आपूर्ति अभी तक नही हो सकी है।पूर्व विधायक निर्मला सहरिया ने कहा कि इसी गढेपान स्थित चम्बल फर्टिलाइजर्स केमिकल फेक्ट्री में आज से करीब 13 वर्ष पहले एक सुबह अचानक अमोनिया गैस का रिसाव होने के कारण अन्ता विधानसभा क्षैत्र के ग्राम खान की झोपडिया में 31 ग्रामीणों की तबीयत बिगड गई। ग्रामीणों को चक्कर आने लगे, आंखों में जलन व उल्टियां होने लगी। ग्रामीण अपने घरों से निकलकर खुले स्थान की ओर भागने लगे थे, जिन्हें जिला चिकित्सालय बारां में भर्ती करवाना पड़ा था।महाप्रबन्धक, सीएफसीएल तथा मुख्यमंत्री के नाम जिला कलक्टर बारां को ज्ञापन के माध्यम से अंता विधायक प्रमोद जैन भाया तथा कांग्रेसजनों द्वारा मांग की गई कि हाडौती संभाग के बारां, कोटा, झालावाड़ एवं बून्दी जिले के किसान भाईयों को इस फेक्ट्री से मांग अनुरूप पर्याप्त यूरिया खाद उपलब्ध करवाए जाने की पॉलिसी बनायी जावे तथा बारां जिले के किसान भाईयों के हितों को देखते हुए अगले 15 दिनों के भीतर नवम्बर माह का 4000 एवं दिसम्बर माह का 18500 कुल 22,500 मीट्रिक टन यूरिया की तत्काल उपलब्धता और आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। यदि 15 दिसम्बर 2025 तक आवंटन अनुसार यूरिया खाद की आपूर्ति बारां जिले के लिए नही की जाती है तो हमें सीएफसीएल फेक्ट्री के बाहर आमरण-अनषन पर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। कांग्रेस नेता दिन-प्रतिदिन 15 दिसम्बर 2025 तक बारंा जिले में उपलब्ध करवायी जाने वाली खाद की मोनेटरिंग करेंगे और यदि प्रगति मांग अनुसार नही हुई तो यह आंदोलन 15 दिसम्बर 2025 से पूर्व भी किया जा सकता है।धरना स्थल पर सीएफसीएल के महाप्रबन्धक अन्य अधिकारियों के साथ पहुंचे तथा उनके द्वारा बताया कि अभी बारां जिले को प्रतिदिन लगभग 500-600 मेट्रिक टन यूरिया खाद की आपूर्ति की जा रही है, अब इसमें बढोतरी की जाकर प्रतिदिन 1000 मेट्रिक टन खाद की आपूर्ति की जावेगी।

















































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