
जयपुर | राजस्थान की यूनानी शिक्षा की शान राजपुताना यूनानी मेडिकल महाविद्यालय ने अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे कर लिए। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर राजपुताना ओल्ड बॉयज द्वारा आयोजित ‘आगाज़-5’ शताब्दी महोत्सव में देशभर से आए 1000 से अधिक पूर्व छात्र, पूर्व प्राचार्य और विशिष्ट अतिथि एक मंच पर जुटे। दो दिवसीय आयोजन में खेल, संस्कृति, सम्मान और भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। कॉलेज के प्रिंसिपल एवं राजपुताना ओल्ड बॉयज के जनरल सेक्रेटरी प्रो. सैयद शफीक नकवी ने बताया कि
13 दिसंबर को स्पोर्ट्स फेस्टिवल और 14 दिसंबर को भव्य कल्चरल इवेंट के साथ शताब्दी वर्ष का जश्न मनाया गया।
*कुरआन की तिलावत से ‘आगाज़-5’ का शुभारंभ*
समारोह की शुरुआत डॉ. इरशाद अहमद की कुरआन पाक की तिलावत से हुई। कार्यक्रम के प्रेस सेक्रेटरी व वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोहम्मद रोशन ने बताया कि शिक्षा, चिकित्सा, साहित्य और सामाजिक सेवा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पूर्व छात्रों व शिक्षकों को सम्मानित किया गया।छात्र-छात्राओं की प्रस्तुतियों लोकनृत्य, गीत और नाट्य मंचन ने कॉलेज की 100 वर्षों की यात्रा को जीवंत कर दिया।
*संस्थान ने दिए दो यूनानी डायरेक्टर, देश को मिलीं नामचीन हस्तियां*
राजपुताना ओल्ड बॉयज के अध्यक्ष डॉ. मुहम्मद अलीम खान ने कहा कि संस्थान ने दो यूनानी डायरेक्टर, लेखक, कलाकार और अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व देश को दिए हैं। आगाज़-5 के कन्वीनर डॉ. महमूद अहमद कुरैशी ने पूर्व छात्रों से मातृसंस्था से निरंतर जुड़े रहने का आह्वान किया क्योंकि उनके योगदान से ही संस्थान का वैभव बढ़ता है।
*मेहनत का नतीजा है आज की ऊंचाई*
मोस्ट सीनियर ओल्ड बॉयज व एडवाइजर डॉ. अंसार अहमद खान ने कहा आज कॉलेज जिस मुकाम पर है, वह शिक्षकों और पूर्व छात्रों की वर्षों की मेहनत का परिणाम है। डॉ. रागिब अंजुम ने इसे शिक्षा व संस्कार की मिसाल बताया, वहीं डॉ. फुरकान अंसारी ने कहा आजादी के अमृत महोत्सव के दौर में कॉलेज का शताब्दी वर्ष पूरा करना ऐतिहासिक उपलब्धि है।
*1000+ पूर्व छात्र, यादें ताज़ा, आंखें नम*
1926 से 2025 के बीच पढ़े 1000 से अधिक पुरातन छात्र नौकरशाही, राजनीति, व्यवसाय और शिक्षा जगत के दिग्गज एक मंच पर नजर आए।राजस्थानी गीत ‘कालो टूट पड़्यो मेला’ बजते ही माहौल भावुक और उल्लासपूर्ण हो गया। सफेद दाढ़ी वाले पूर्व छात्र भी उम्र भूलकर थिरकते दिखे। किसी ने खेलकूद की यादें साझा कीं, तो किसी ने अपने प्रिय शिक्षक को याद किया। कक्षाओं और परिसर का भ्रमण करते हुए कई पल भावुक कर देने वाले रहे।
*मुख्य अतिथि का संदेश विरासत से भविष्य तक*
समारोह के मुख्य अतिथि एवं राजपुताना यूनानी मेडिकल कॉलेज ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. के.एल. जैन ने बताया कि 7 मई 1926 को हकीम अब्दुल वाहिद खान ने कॉलेज की नींव रखी। इसके बाद हकीम मोहम्मद इब्राहिम खान और मोहम्मद सैयद खान गुडएज ने इस विरासत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उन्होंने कहा राजपुताना कॉलेज ने सर्वधर्म समभाव, मानवतावाद और राष्ट्रनिष्ठा के मूल्यों के साथ यूनानी शिक्षा के इतिहास में अमिट छाप छोड़ी है। ट्रस्ट सचिव एम. जाकिर गुडएज ने कहा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में शिक्षण संस्थानों की भूमिका निर्णायक है, और यूनानी शिक्षा को मजबूत करने में राजपुताना कॉलेज की भूमिका ऐतिहासिक रही है। समापन पर पूर्व छात्रों ने फिर मिलने का वादा किया। यह शताब्दी महोत्सव सिर्फ जश्न नहीं, बल्कि विरासत, प्रेरणा और भविष्य की दिशा का मजबूत संदेश बनकर यादों में दर्ज हो गया।


















































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